चाँद देखने की मार्गदर्शिका
चाँद की आठ कलाएँ
चाँद अपना दृश्य प्रकाश खुद नहीं बनाता। हम उसकी सतह से परावर्तित सूर्य का प्रकाश देखते हैं। पृथ्वी की परिक्रमा के दौरान उसका सूर्य से प्रकाशित आधा भाग हमें अलग-अलग मात्रा में दिखाई देता है।
घटता उभरा चाँद क्या है?
घटता उभरा चाँद पूर्णिमा के बाद और अंतिम चतुर्थांश से पहले आता है। चाँद की दिखने वाली सतह का आधे से अधिक भाग तब भी प्रकाशित रहता है, लेकिन यह भाग हर रात घटता जाता है।
कलाओं का क्रम
अमावस्या
हमारी ओर वाला भाग हमें लगभग पूरी तरह अँधेरा दिखाई देता है।
देखने का सामान्य समय: यह आकाश में सूर्य के पास रहता है और आम तौर पर इसे देखना मुश्किल होता है।
बढ़ता हँसिया चाँद
हर शाम एक पतला प्रकाशित हँसिया बढ़ता जाता है।
देखने का सामान्य समय: सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में क्षितिज के पास देखें।
प्रथम चतुर्थांश
चाँद की दिखने वाली सतह का लगभग आधा भाग प्रकाशित होता है।
देखने का सामान्य समय: यह आम तौर पर दोपहर से रात के पहले आधे हिस्से तक दिखाई देता है।
बढ़ता उभरा चाँद
पूर्णिमा नज़दीक आने पर चाँद की सतह का आधे से अधिक भाग प्रकाशित होता है।
देखने का सामान्य समय: यह दोपहर ढलने से रात तक दिखाई देता है।
पूर्णिमा
पृथ्वी की ओर वाली लगभग पूरी सतह प्रकाशित होती है।
देखने का सामान्य समय: यह सूर्यास्त के आसपास उगता है और रात के अधिकांश समय दिखाई देता है।
घटता उभरा चाँद
पूर्णिमा के बाद प्रकाशित भाग घटता जाता है।
देखने का सामान्य समय: यह देर से उगता है और देर रात से भोर तक देखने के लिए अच्छी स्थिति में होता है।
अंतिम चतुर्थांश
घटते चाँद की सतह का लगभग आधा भाग फिर से प्रकाशित होता है।
देखने का सामान्य समय: इसे आम तौर पर आधी रात के आसपास से सुबह तक देखना सबसे अच्छा होता है।
घटता हँसिया चाँद
अगली अमावस्या से पहले एक पतला हँसिया रह जाता है।
देखने का सामान्य समय: सूर्योदय से पहले पूर्वी आकाश में क्षितिज के पास देखें।
अभी चाँद की कौन-सी कला है?
केवल कला के नाम से चाँद के उदय या अस्त का सटीक समय पता नहीं चलता। ये समय तारीख़ और देखने की जगह पर निर्भर करते हैं, इसलिए मौजूदा चाँद, कैलेंडर और आज रात के दृश्य साथ देखें।